जाफरानी के महज 23 वर्ष।

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जाफरानी के महज 23 वर्ष। ऐसा ही बाकया हुयी है राजधानी देहरादून के नेशविला रोड स्थित पथरिया पीर में पिछले दिनों 20 सितंबर 2019 को जहरीले शराब पीने से 23 वर्षीय आकाश की भी मृत्यु हो गयी। आकाश रोज की तरह शाम 5. 30 बजे काम करने के बाद घर लौटा था। जिसके बाद गौरव ने अपने किसी दोस्त से जाफरानी का एक पव्वा मांगा कर पीया और जाफरानी के पीते ही कुछ देर बाद ही आकाश के सीने में जलन शुरू हुयी और साथ ही उल्टियां व मुंह से झाग निकलने लगी। परिजनों ने बेहोश आकाश को हॉस्पिटल ले गए परन्तु तबतक काफी देर हो चुकी थी ,हॉस्पिटल पहुँचते ही आकाश ने दम तोर दिया और आकाश की जीवनलीला जहरीले जाफरानी ने महज 23 वर्षों में समाप्त कर दिए और अपने बुजुर्ग मां को जिंदगी भर के लिए आंसू देकर चला गया। परजनों ने बताया कि आकाश की शादी हुए सिर्फ 9 महीने ही हुए थे घर में उसकी पत्नी अपने आकाश को तलाश रही है। न जाने यह जाफरानी कबतक लोगों की जिंदगी समाप्त करता रहेगा। वहीँ जाफरानी से एक और परिवार की भी साया उसके सिर से सदा सदा के लिए उठ गया। वो है एक 65 वर्षीय फौजी जिसके पेंशन से फौजी के पांच बच्चों का गुजर वसर होता था लेकिन जाफरानी ने इस घर को भी नहीं बक्शा और अपने फौजी पिता की मृत्यु से पूरा का पूरा परिवार सदमे में और इन परिवारों को आगे अपने भविष्य की चिंता सता रही है कि उनके परिवार का अब क्या होगा। फौजी के बेटे ने श्रमिक मंत्र टीम को चरमारते स्वास्थ्य सुविधा के बारे में जो बाते बतायी वो अपने आप में चौंकाने वाला था। फौजी के बेटे ने बताया की जब सुबह के 4 बजे अपने बेसुध पिता को देहरादून के प्रसिद्ध हॉस्पिटल दून हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो वहां इमरजेंसी में जगह न होने की बात कहकर महंत हॉस्पिटल रेफर कर दिया लेकिन वहाँ भी उन्हें इलाज नसीब न हो सकी और वहां भी बेड खली न होने की बात कहकर उसे देहरादून के जगदम्बा हॉस्पिटल भेज दिया। और परिजन अपने फौजी पिता को लेकर देहरादून में इलाज के लिए भटकता रहा लेकिन समय पर उचार नहीं हो सका,यदि समय पर इलाज हुयी होती तो आज एक फौजी जिंदा होते और इस परिवार का भविष्य भी अंधकार में नहीं होता। 

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