टिहरी बस हादसे के बाद मां का सबसे एक सवाल-खाना खाने नहीं आया, कहां रह गया मेरा लाल

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उत्तरकाशी: श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में बीएससी की कक्षा में प्रवेश लेने के लिए गुरुवार सुबह अपने माता पिता को चरण स्पर्श कर निकले राम सिंह ने अपनी मां से वादा किया था कि मां मैं दोपहर को खाना खाने के लिए घर आ जाउंगा। लेकिन मां को क्या मालूम था कि जिस बस में मेरा बेटा सवार होकर गया है, वह बीच रास्ते मे ही उसकी जान ले लेगी।  घर में जब मां को बेटे की मौत की खबर मिली तो बेटे की बात याद आ गई और बिलखते हुए बोल पड़ी की दोपहर का खाने को नहीं आया मेरा लाल।  वर्ष 2017-18 में सरस्वती विद्या मंदिर चिन्यालीसौड़ से  इंटरमीडिएट की परीक्षा 88 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण करने के बाद गुरुवार सुबह छह बजे राम सिंह पडियार पुत्र सोबत सिंह निवासी कोट गांव गुरुवार सुबह पांच बजे घर से निकला। घर से निकलते वक्त उसने अपने माता -पिता को चरण स्पर्श प्रणाम किया और कहा कि मां श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में प्रवेश फार्म भरने के बाद में जल्द दोपहर के खाने के लिए तीन बजे तक घर आ जाउंगा। वह घर से  चिन्यालसीसौड़ बाजार पहुंचा ही था कि उसे मनेरी से हरिद्वार जा रही रोजबेज की बस मिल गई और वह बस पर सवार होकर चम्बा के लिए बैठ गया। चम्बा पहुंचने से पूर्व बीच रास्ते में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई,और उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। मृतक राम सिंह का एक बड़ा भाई है। जो एक प्राईवेट कंपनी मे काम करता है। वहीं उसके पिता तहसील में अरजी नवीस का कार्य करते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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