खौफ से कॉपियां जांचने को तैयार नहीं।

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खौफ शिक्षक घर पर कॉपियां जांचने को तैयार नहीं।
इस साल विवि ने रिकार्ड 24 दिन में यूजी और पीजी की परीक्षाएं संपन्न कराई। जिसके बाद कार्य पूरा कर 31 मार्च तक रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य भी तय किया गया। लेकिन कोरोना वायरस ने विवि के प्लान पर पानी फेर दिया। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड राज्य विवि में शिक्षक घर पर परीक्षा मूल्यांकन कार्य करने को तैयार नहीं है। कोरोना वायरस के खतरे के चलते बंद विवि प्रशासन ने शिक्षकों से घर पर ही परीक्षा कॉपियां जांचने की गुजारिश की थी। लेकिन वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए शिक्षकों ने घर पर परीक्षा मूल्यांकन कार्य से हाथ खड़े कर दिए हैं। विवि के यूजी और पीजी विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं फरवरी माह में संपन्न हुई थी। मार्च में विवि के ऋषिकेश कैम्पस में केंद्रीय मूल्यांकन की शुरुआत ही हुई थी,कि कोरोना वायरस के चलते विवि को बंद करने के आदेश जारी करने पड़े । जिसके बाद से विवि का केंद्रीय मूल्यांकन कार्य भी ठप है। परीक्षा मूल्यांकन कार्य प्रभावित होने से विवि के लिए समय रहते रिजल्ट जारी करना चुनौती बनता जा रहा है। इसी के मद्देनजर विवि ने विशेष व्यवस्था बनाकर शिक्षकों से घर पर मूल्यांकन कार्य शुरु करने की गुजारिश की थी। लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बरकरार रहने से कोई भी शिक्षक घर पर कॉपियां जांचने को राजी नहीं है। विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ.आरएस चौहान ने बताया कि उनकी कुछ शिक्षकों से घर पर मूल्यांकन शुरु करने के संबंध में बात हुई थी। लेकिन शिक्षकों ने वर्तमान परिस्थिति में यह जिम्मेदारी लेने से साफ इंकार कर दिया है। शिक्षकों का कहना था कि वह दूध का पैकेट भी ले रहे, तो उसे चार बार धुल रहे हैं। ऐसे में कॉपियां के बंडल कैसे घर लेकर आएं। शिक्षक घर पर रहकर समय का सदुपयोग कर सकते हैं,लॉकडाउन खुलता है तो ऋषिकेश कैंपस में मूल्यांकन शुरू किया जाएगा। आगे बढ़ने की स्थिति में हम शिक्षकों के घर तक कॉपियां पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। लॉकडाउन खुलने पर 10 से 15 दिन में सभी रिजल्ट जारी करने का प्रयास करेंगे।

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