पर्वतारोही जुड़वा बहनें नुंग्शी और ताशी बेस कैंप फेस्टिवल इंडिया का करेंगी आयोजन

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देहरादून: देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली एवरेस्ट विजेता जुड़वा बहनें नुंग्शी और ताशी मलिक ‘एवरेस्ट बेस कैंप’ फेस्टिवल इंडिया का आयोजन करने जा रही हैं. 25-28 अक्टूबर तक चलने वाले इस कैंप में आउटडोर, एडवेंचर से संबंधित फिल्में, फोटोग्राफी एग्जीबिशन और कैम्पिंग आदि के गुर सिखाये जायेंगे.बेस कैंप फेस्टिवल के दौरान उत्तराखंड में एक आउटडोर स्कूल खोलने का भी एलान किया जायेगा, जिसका संचालन खुद दोनों बहनें ताशी और नुंग्शी के अलावा उनके रिटायर्ड कर्नल पिता वीएस मलिक करेंगे. माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली बहनों ने कहा कि, माउंटेनियरिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति लड़कियों और महिलाओं की लगभग 50 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित करना ही इस फेस्ट का मकसद होगा.उन्होंने कहा कि इस फेस्ट के माध्यम से युवा पीढ़ी को ये संदेश देने कोशिश की जाएगी कि वातावरण की सुंदरता को पहचानने का प्रयास किया जाए और पर्यवारण के प्रति खूबसूरती की अनूभूति की जाए.

आइए नजर डालते हैं इनके विश्व कीर्तिमान पर:-

माउंट एवरेस्ट फतह करने वालीं दुनिया की पहली जुड़वा बहनें.

सात शिखर (सातों महाद्वीपों के सबसे ऊंचे) को फतह करने वाली दुनिया की पहली जुड़वा बहनें.

एडवेंचर ग्रैंड स्लैम और थ्री पोल चैलेंज पूरा करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की पर्वतारोही.

दक्षिणी ध्रुव पर स्की के माध्यम से पहुंचने वाली दुनिया की पहली जुड़वा बहनें.

उत्तरी ध्रुव पर स्की के जरिए पहुंचने वाली दुनिया की पहली जुड़वां बहनों की जोड़ी.

न्यूजीलैंड के सबसे ऊंचे शिखर माउंट कुक पर फतह करने वाली पहली जुड़वा बहनें.

बता दें, दोनों बहनों का शुरुआती सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है. उनके पिता वीके मलिक का जन्म हरियाणा के अमावली गांव में हुआ था. उनकी तीन बड़ी बहनें थीं और उन्हें बचपन में अहसास कराया गया था कि बेटे ही खास होते हैं, लेकिन जब उनके परिवार में इन दो जुड़वां बेटियों ने लिया तो उन्होंने बेटे की चाह का त्याग करते हुए उन्हें बेहद लाड़-प्यार से पाला.इसी वजह से उनके रिटायर कर्नल पिता और मां अंजू बेटियों की जिद के आगे झुक गए और पर्वतारोही बनने की इजाजत दे दी. हॉकी और एथलेटिक्स खिलाड़ी ताशी-नुंग्शी ने अपने पर्वतारोहण की शुरुआत 2009 से उत्तरकाशी स्थित नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआइएम) में पर्वतारोहण के कोर्स से की थी.

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