90 दिनों, 101 लोगों ने की आत्महत्या

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90 दिनों में 101 लोगों ने की आत्महत्या
जमशेदपुर, चिंताजनक है कि वर्तमान हालात की वजह से हर तबके के लोगों में मानसिक अवसाद बढ़ रहा है। इस बारे में एक्सएलआरआई की साइकोथेरेपिस्ट डॉ. पूजा मोहंती ने बताया कि आने वाला समय आत्महत्या का भयावह संकेत दे रहा है। श्रमिक काफी संख्या में लौटकर आए हैं। उनके पास न काम है और न ही पैसे। जो यहां हैं, उनकी नौकरियां जा रही हैं। ऐसे में उनकी मानसिक दशा का आकलन करना होगा। जिस तरह से कोरोना से लड़ा जा रहा है, ठीक उसी तरह से लोगों को अवसाद से बाहर निकालने के लिए लड़ाई लड़नी होगी। इसके लिए आत्महत्या निवारण की दिशा में काम कर रही संस्थाओं और लोगों के एक मंच पर आने की जरूरत है। आत्महत्या निवारण संस्था जीवन के संचालक डॉ. महावीर राम ने बताया कि जीवन संस्था ने अपने सर्वे में पाया है कि लॉक डाउन के दौरान घर में अधिक रहने से आत्महत्या का ग्राफ बढ़ा है। छोटी-छोटी चीजों पर रोक-टोक व उससे उत्पन्न विवाद इसका मुख्य कारण है। अधिकांश कॉल में पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। पहले प्रतिदिन 15 से 20 कॉल ही आते थे लेकिन हर औसतन 25 से 30 कॉल नियमित आ रहे हैं। डिप्रेशन के शिकार लोग यहां तक कहते हैं कि उनके पास भोजन तक नहीं है। उन्हें संयम से काम लेने के लिए कहकर कॉल करने वाले को भोजन तक पहुंचाया जा रहा है। कोविड 19 नियमों के चलते हम सिर्फ फोन पर ही काउंसेलिंग कर रहे हैं।पहले लॉकडाउन ने आर्थिक रूप से लोगों की कमर तोड़ी और अब कोरोना संक्रमण का भय लोगों को अंदर ही अंदर मार रहा है। लंबे समय से घरों में कैद रहने, आर्थिक तंगी और बेरोजगारी के कारण लोगों में डिप्रेशन बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि कोल्हान में पिछले 90 दिनों में 101 लोगों ने आत्महत्या कर ली है।23 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के बाद स्थिति दिनोंदिन भयावह होती गई। अप्रैल से ज्यादा मई और उससे भी अधिक जून में आत्महत्या का ग्राफ बढ़ता गया। सबसे अधिक प्रभाव युवाओं पर पड़ा। 40 वर्ष से कम उम्र के 45 लोगों ने विभिन्न कारणों से आत्महत्या की राह चुन ली जो बेहद दुखद है। कई किशोर उम्र के लड़के-लड़कियों ने भी विभिन्न कारणों से जान दे दी। आत्महत्या की राह चुनाने वालों में सबसे अधिक 71 लोग पूर्वी सिंहभूम जिले के हैं। कोरोना काल में जिंदगी से हताश होकर पश्चिमी सिंहभूम के 14 और सरायकेला-खरसावां के 16 लोगों ने जान दे दी। इनमें बेरोजगारी के कारण 18, पारिवारिक विवाद में 21 व लॉकडाउन के कारण 5 लोगों ने जान दी। मरने वालों में युवाओं की संख्या अधिक है।

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