जिंदा बच गया मासूम

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जिंदा बच गया मासूम
नई दिल्ली,परिजनों ने बताया कि ये लोग मुजफ्फरपुर के हथौड़ी थाना के बिराई गांव के रहने वाले हैं। आठ साल पहले किरणऔर राकेश की शादी हुई थी। किरण पहले से मानसिक तौर पर बीमार थी। कई बार आसपास के लोगों से बात नहीं करती तो कभी कई दिन तक खाना भी नहीं खाती थी। राकेश ने बताया कि बुधवार को खाने को लेकर थोड़ा विवाद हो गया था जिसके बाद वह काम पर चला गया था। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब किरण के परिजनों के आने पर शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। वहीं देर रात तक राकेश से पुलिस पूछताछ कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ ये कहावत आपने कई बार सुनी होगी। इसी कहावत को साकार करती है पूर्वी दिल्ली के मंडावली रेलवे स्टेशन पर हुई एक हैरान करने वाली घटना। दरअसल, बुधवार रात मंडावली रेलवे स्टेशन पर एक महिला ने अपनी दो बेटियों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। इस घटना में महिला का एक साल का बेटा बाल बाल बच गया। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है।जानकारी के अनुसार महिला की पहचान 30 साल की किरण के तौर पर हुई है। वह अपने पति राकेश, बेटी अमृता एवं पूजा और एक साल के बेटे के साथ मंडावली रेलवे स्टेशन के पास की कॉलोनी में रहती थी। राकेश इलाके में रिक्शा चलाने के साथ बेलदारी का भी काम करता है। वह इस साल मार्च में यहां पर रहने के लिए आया था।घटना की जानकारी मिलने के बाद जब आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची तो एक साल का बच्चा पटरियों पर जिंदा पड़ा मिला। वह इधर-उधर देखता और किसी को नहीं पाकर रो रहा था। जब पुलिसकर्मियों ने उसे गोद में लिया तो पता चला कि उसके हाथ में चोट लगी है। जांच में मालूम हुआ कि उसके ऊपर से कम से कम दो मालगाड़ी गुजरी थीं, लेकिन पटरी पर लेटे होने की वजह से उसकी जान बच गई। आनंद विहार रेलवे थाना प्रभारी जलधारी मीणा ने जब बच्चे को चुप कराने के लिए उसे फ्रूटी दी तो उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई। फिर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर जांच में सब कुछ सामान्य पाया गया। बताया जाता है कि देर शाम उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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